Mahabharata Volume 5
— गीता प्रेस गोरखपुर —
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Access at Primary Sourceमहाभारत का यह चौथा खंड युद्ध के उपरांत के मर्मस्पर्शी और शोकाकुल दृश्यों, अश्वत्थामा के कृत्यों, तथा धृतराष्ट्र के विलाप के माध्यम से जीवन की अनित्यता और कर्म के अटल सिद्धांतों का गहन आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करता है।
इस ग्रंथ के प्रमुख विषय, महत्वपूर्ण अध्याय एवं शैक्षणिक संदर्भ
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गीता प्रेस गोरखपुर विश्व की एक प्रतिष्ठित और अग्रणी धार्मिक संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष १९२३ में सनातन धर्म, संस्कृति और वेदों-पुराणों के प्रचार-प्रसार के लिए...
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